Close Menu
    • Demos
    • Technology
    • Buy Now
    application.khabaronly.comapplication.khabaronly.com
    • Home
    • Features
      • Typography
      • Contact
      • View All On Demos
    • Technology

      चेहल्लुम जुलूस को लेकर शांति समिति की बैठक, 15 अगस्त शुक्रवार को निकाला जायेगा जुलूस, 01 बजे दिन में निकलेगा जुलूस

      August 12, 2025

      जिला परिषद ने क्षेत्र की समस्या को लेकर बीडीओ से मिले

      August 12, 2025

      हेल्थ पॉइंट रांची और डॉ. अनुप मोहन नायर ने लॉन्च किया “फ्रीडम टू वॉक” अभियान – गतिशीलता का पुनर्निर्माण, जीवन का पुनर्निर्माण

      August 12, 2025

      ‘द हिमालयन कॉन्क्लेव 2025’ का आयोजन जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मु‌द्दे पर केंद्रित है

      August 3, 2025

      विधायक राजेश कच्छप ने किया जोहार कंप्यूटर सेंटर का आगाज़

      August 2, 2025
    • Typography
    • Buy Now
    • Technology
    Subscribe
    application.khabaronly.comapplication.khabaronly.com
    Home»All»हेमंत सरकार की दोहरी नीति पर AIMIM का तीखा वार: एक तरफ नशा मुक्त झारखंड, दूसरी तरफ पंचायत-पंचायत शराब दुकान:महताब आलम पूर्व प्रत्याशी
    All

    हेमंत सरकार की दोहरी नीति पर AIMIM का तीखा वार: एक तरफ नशा मुक्त झारखंड, दूसरी तरफ पंचायत-पंचायत शराब दुकान:महताब आलम पूर्व प्रत्याशी

    Khabar OnlyBy Khabar OnlyJune 29, 2025

    रांची: झारखंड में हेमंत सरकार की नीति अब आम जनता की समझ से बाहर होती जा रही है। एक तरफ सरकार पूरे राज्य में नशा मुक्ति अभियान पर करोड़ों खर्च कर रही है—शहरों में होर्डिंग्स, अखबारों में विज्ञापन, टीवी पर जागरूकता संदेश—तो दूसरी ओर उसी सरकार की नई शराब नीति के तहत अब गांव-गांव में शराब दुकानें खोली जा रही हैं। इस विरोधाभासी फैसले को लेकर पूर्व प्रत्याशी महताब आलम ने सरकार को घेरा और कहा, “हेमंत सरकार खुद नहीं समझ पा रही कि वो नशे को बढ़ावा दे रही है या खत्म करना चाह रही है। नीति साफ नहीं है, नीयत पर सवाल है।”

    एक तरफ शराब के खिलाफ मुहिम, दूसरी तरफ पंचायत में शराब दुकान—जनता परेशान

    नई नीति के मुताबिक अब एक प्रखंड में नहीं, बल्कि पंचायत स्तर तक शराब दुकानों को खोला जाएगा। शराब दुकानें रात 11 बजे तक खुली रहेंगी और वहीं बैठकर शराब पीने की भी छूट दी जाएगी। जाहिर है, इससे नशे की लत और गहराएगी। पूर्व प्रत्याशी महताब आलम ने कहा, “सरकार अगर वाकई में नशा खत्म करना चाहती है, तो फिर शराब पर ही प्रतिबंध क्यों नहीं लगाती? तंबाकू और धूम्रपान को हानिकारक बताकर रोक की बात की जाती है, लेकिन शराब के लिए रात 11 बजे तक लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं।”

    “नशा मुक्ति अभियान या करोड़ों का प्रचार तंत्र?”
    महताब आलम ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का नशा मुक्ति अभियान सिर्फ कागजों और होर्डिंग्स तक सीमित है। “अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन, सड़कों पर होर्डिंग्स और टीवी पर नारे—लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि सरकार खुद शराब को बढ़ावा दे रही है। जागरूकता के नाम पर सिर्फ करोड़ों का खेल चल रहा है।”

    “नीति भी गड़बड़, नीयत भी संदिग्ध”
    महताब आलम ने सरकार से सीधा सवाल किया—“अगर शराब से ही सरकार की आमदनी होनी है, तो फिर नशा मुक्त झारखंड की बात क्यों? और अगर नशा वाकई नुकसानदायक है, तो फिर पंचायतों तक शराब पहुंचाने की क्या जरूरत?” उन्होंने मांग की कि झारखंड में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और नशा मुक्ति की बात को मजाक न बनाया जाए।

    Previous Articleچاندنظرآیا، دسویں محرم یوم عاشورہ 6/ جولائ بروز اتوار
    Next Article जयता ग्रुप ने लॉन्च किया एडिबल ऑयल और केमिकल प्रोडक्ट्स, होटल रेनडिव में हुआ भव्य कार्यक्रम, कई प्रोडक्ट्स की रेंज हुई जारी

    Related Posts

    All

    तैबा में बोला लो यहीं एकराम बहुत है….

    September 13, 2025
    All

    दुर्गा पूजा 2025 की तैयारियों को लेकर केंद्रीय शांति समिति के सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक

    September 13, 2025
    All

    ईद मिलादुन्नबी का जुलूस 6 नहीं 5 सितंबर को बाद नमाज जुमा निकाला जाएगा

    August 26, 2025
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.